गेहूं की कटाई के बाद खाली न छोड़ें खेत, इन फसलों से कमाएं लाखों

गेहूं की कटाई के बाद खाली न छोड़ें खेत, इन फसलों से कमाएं लाखों

भारत के लाखों किसान गेहूं की फसल काटने के बाद अपने खेतों को खाली छोड़ देते हैं, जबकि यह समय कमाई के बड़े मौकों को गंवाने जैसा है। 8 अप्रैल, 2026 को आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, यदि किसान इस खाली समय का सही इस्तेमाल करें, तो वे अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। खास तौर पर पशुपालन से जुड़े किसानों के लिए यह समय 'सोने की खान' साबित हो सकता है, बशर्ते वे सही फसल का चुनाव करें।

बात यह है कि अप्रैल से जुलाई के बीच का समय काफी छोटा होता है, लेकिन स्मार्ट खेती के जरिए इसमें भी बड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है। जहां ज्यादातर लोग जुलाई में धान की बुवाई का इंतजार करते हैं, वहीं कृषि विशेषज्ञ इस बीच 'शॉर्ट-ड्यूरेशन' फसलों को अपनाने की सलाह दे रहे हैं।

पशुपालकों के लिए वरदान: ज्वार की चरी

अगर आपके पास डेयरी फार्म है या पशु हैं, तो आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, आपके लिए ज्वार की चरी (Sorghum Fodder) उगाने का यह सबसे सही समय है। ज्वार की चरी एक ऐसी तेजी से बढ़ने वाली फसल है जो बहुत कम समय में अच्छी पैदावार देती है।

इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पशुओं के लिए एक पौष्टिक और सस्ता हरा चारा है। गर्मी के महीनों में जब हरा चारा मिलना मुश्किल हो जाता है, तब यह फसल किसानों को बाजार से महंगे चारे खरीदने की जरूरत से बचाती है। मजेदार बात यह है कि इससे पशुओं के दूध उत्पादन में भी बढ़ोतरी होती है, जिससे किसान की जेब में सीधे तौर पर ज्यादा पैसा आता है। चूंकि गेहूं की कटाई के बाद मिट्टी में पर्याप्त नमी बची रहती है, इसलिए ज्वार की खेती करना काफी आसान हो जाता है और यह जमीन की उपजाऊ शक्ति को भी बनाए रखता है।

सब्जियों की खेती: कम समय में मोटा मुनाफा

सिर्फ चारा ही नहीं, बल्कि नकदी फसलों के जरिए भी मोटी कमाई की जा सकती है। Tractor Junction के आंकड़ों के अनुसार, भिंडी की कुछ खास किस्में जैसे A-4, परभानी, क्रांति और अरका अनामिका खेतों में सीधे बोई जा सकती हैं। हैरानी की बात यह है कि बुवाई के महज 15 दिनों बाद ही इनमें फल आने शुरू हो जाते हैं, जिससे बाजार में इनकी अच्छी कीमत मिलती है।

वहीं, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), जिसने कई उन्नत किस्मों को विकसित किया है, उसके सुझावों पर गौर करना जरूरी है। संस्थान द्वारा विकसित 'पूसा नवीन' और 'पूसा संदेश' लौकी की किस्में ज़ायद और खरीफ दोनों मौसमों के लिए उपयुक्त हैं। इन किस्मों से प्रति एकड़ 70-90 क्विंटल तक की पैदावार मिल सकती है, जो दो महीने के भीतर करीब 1 लाख रुपये तक की आय जेनरेट कर सकती है।

खीरे की बात करें तो IARI की 'पूसा उदय' किस्म 50-55 दिनों में पक कर तैयार हो जाती है। इसकी औसत पैदावार 55 क्विंटल प्रति एकड़ रहती है, जिससे किसान लगभग 50,000 रुपये तक कमा सकते हैं। इसी तरह, तोरई की खेती भी एक शानदार विकल्प है, जो 45-50 दिनों में तैयार हो जाती है और सालाना प्रति एकड़ 50,000 से 1 लाख रुपये तक का मुनाफा दे सकती है।

धान की बुवाई से पहले क्या चुनें?

अब सवाल यह है कि जुलाई में धान (Rice) लगाने से पहले कौन सी फसल सबसे सुरक्षित है? स्मार्ट किसान के विशेषज्ञों का मानना है कि मूंग और उड़द सबसे बेहतरीन विकल्प हैं। मूंग एक कम समय वाली फसल है जिसे बहुत कम पानी की जरूरत होती है और इसका बाजार भाव भी काफी स्थिर रहता है। चाहे मिट्टी कमजोर हो या उपजाऊ, मूंग हर हाल में अच्छा परिणाम देती है।

उड़द की खेती भी इसी तरह फायदेमंद है, लेकिन यहां एक पेंच है। उड़द की फसल में अक्सर 'येलो लीफ कर्ल' (पीला पत्ता रोग) देखा जाता है, जो कई किसानों की मेहनत पर पानी फेर देता है। दूसरी तरफ, मक्का (Maize) की खेती का विकल्प भी है, लेकिन इसमें मूंग या उड़द के मुकाबले ज्यादा पानी लगता है और मानसून की अनिश्चितता इसे थोड़ा जोखिम भरा बना देती है।

सावधान! इन फसलों से बचें

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गेहूं की कटाई के तुरंत बाद लौकी, कद्दू, मेथी और करेले की खेती से बचना चाहिए। इसका कारण मानसून की अचानक आने वाली बारिश और मौसम में बदलाव है, जो इन फसलों को बुरी तरह प्रभावित कर सकते हैं।

जोखिम और भविष्य की रणनीति

हालांकि यह सब सुनने में बहुत आकर्षक लगता है, लेकिन No-Till Farmer की रिपोर्ट एक अलग पहलू पेश करती है। उनका कहना है कि गेहूं के बाद 'डबल क्रॉपिंग' (दोहरी फसल) एक जोखिम भरा काम हो सकता है। इसका कारण यह है कि जुलाई और अगस्त के बीच का समय बहुत नाजुक होता है। यदि फसल पकने से पहले ही भारी बारिश हो गई, तो पूरी मेहनत बेकार जा सकती है।

कुल मिलाकर, किसानों को अपनी जमीन की स्थिति, पानी की उपलब्धता और बाजार की मांग को देखकर ही फैसला लेना चाहिए। लेकिन यह तय है कि खेत को खाली छोड़ना किसी भी लिहाज से समझदारी नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

गेहूं के बाद ज्वार की चरी उगाने का सबसे बड़ा फायदा क्या है?

इसका सबसे बड़ा फायदा पशुपालकों को मिलता है। यह कम समय में तैयार होने वाला पौष्टिक हरा चारा है, जो न केवल पशुओं के दूध उत्पादन को बढ़ाता है बल्कि बाजार से महंगे चारे को खरीदने के खर्च को भी कम करता है। साथ ही, यह मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने में मदद करता है।

लौकी और खीरे की खेती से कितनी कमाई हो सकती है?

IARI द्वारा विकसित पूसा नवीन और पूसा संदेश जैसी लौकी की किस्मों से प्रति एकड़ 1 लाख रुपये तक की कमाई संभव है। वहीं, पूसा उदय खीरे की किस्म से प्रति एकड़ लगभग 50,000 रुपये तक का मुनाफा कमाया जा सकता है, जो महज 50-55 दिनों में तैयार हो जाती है।

मूंग और उड़द में से कौन सी फसल बेहतर है?

मूंग को अधिक सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इसे पानी की कम जरूरत होती है और इसका बाजार भाव स्थिर रहता है। उड़द भी अच्छी है, लेकिन उसमें 'येलो लीफ कर्ल' बीमारी का खतरा अधिक रहता है, इसलिए मूंग एक बेहतर और कम जोखिम वाला विकल्प साबित होती है।

गेहूं के बाद किन फसलों की खेती करने से बचना चाहिए?

विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय लौकी, कद्दू, मेथी और करेले की खेती से बचना चाहिए। इसका मुख्य कारण मानसून का मौसम है; इन फसलों पर बारिश और मौसम के बदलाव का बहुत बुरा असर पड़ता है, जिससे फसल बर्बाद होने का डर रहता है।

क्या गेहूं के बाद दोबारा फसल लगाना जोखिम भरा है?

हाँ, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह जोखिम भरा हो सकता है क्योंकि जुलाई और अगस्त के बीच का समय बहुत छोटा होता है। अगर फसल की कटाई से पहले ही भारी मानसूनी बारिश हो जाए, तो फसल खराब हो सकती है। इसलिए फसल का चुनाव बहुत सावधानी से करना चाहिए।

टिप्पणि (18)

Anirban Das

Anirban Das

अप्रैल 9 2026

सब कागजी बातें हैं 🙄

Anamika Goyal

Anamika Goyal

अप्रैल 11 2026

यह जानकारी बहुत काम की है। अगर किसान भाई इस समय का सही उपयोग करें तो वाकई उनकी आर्थिक स्थिति काफी बेहतर हो सकती है। खासकर मूंग और उड़द जैसे विकल्पों के बारे में जानकर अच्छा लगा। उम्मीद है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे अपनाएंगे।

Prathamesh Shrikhande

Prathamesh Shrikhande

अप्रैल 12 2026

वाह! बहुत ही बढ़िया सुझाव हैं 🌾🐄 बहुत से किसान वाकई में इस समय खेत खाली छोड़ देते हैं।

Priyank Prakash

Priyank Prakash

अप्रैल 13 2026

अरे भाई! ये तो एकदम गजब स्कीम है! 😲 मतलब बस 15 दिन में भिंडी आ जाएगी? यकीन नहीं होता! मुझे तो लगता है कि ये सब बस कहने की बातें हैं, असलियत में कुछ और ही होता है 😱

shrishti bharuka

shrishti bharuka

अप्रैल 15 2026

हां, बिल्कुल! बस बारिश का इंतज़ार करो और फिर देखो कैसे सारी मेहनत पानी में जाती है। बहुत ही शानदार योजना है

Senthilkumar Vedagiri

Senthilkumar Vedagiri

अप्रैल 15 2026

ये सब सरकारी चाल है भाई! 🧐 ये लोग चाहते हैं कि हम बीज खरीदने में पैसा बर्बाद करें ताकि उनकी कंपनियां अमीर हो जाएं... सब मिला हुआ है 🙄

saravanan saran

saravanan saran

अप्रैल 17 2026

प्रकृति का अपना चक्र है। खेती केवल पैसों का खेल नहीं बल्कि मिट्टी के साथ एक रिश्ता है। यदि हम उसकी क्षमता को समझें तो वह हमें कभी भूखा नहीं रखेगी।

Jivika Mahal

Jivika Mahal

अप्रैल 17 2026

भईया ये तो बहुत ही बढ़िया जानकारी है! बस एक बात का ध्यान रखना कि बीजू सही जगह से लें वरना धोखा हो सकता है। मेहनत करेंगे तो फल ज़रूर मिलेगा!

Kartik Shetty

Kartik Shetty

अप्रैल 17 2026

बुनियादी कृषि विज्ञान की समझ ही यहाँ कमी है निवेश और जोखिम का अनुपात समझना ज़रूरी है

Anu Taneja

Anu Taneja

अप्रैल 18 2026

सही चुनाव ही मुनाफे की कुंजी है।

vipul gangwar

vipul gangwar

अप्रैल 19 2026

सबकी अपनी-अपनी राय है, पर मुझे लगता है कि मूंग लगाना सबसे सुरक्षित रास्ता है क्योंकि उसमें रिस्क कम है और मेहनत भी कम लगती है।

Sharath Narla

Sharath Narla

अप्रैल 21 2026

मस्त प्लान है, पर बारिश देवता का क्या? वो तो जब चाहे तब आ जाते हैं, फिर सारा हिसाब बदल जाता है। वैसे ज्वार की चरी वाला आईडिया सॉलिड है।

Anil Kapoor

Anil Kapoor

अप्रैल 22 2026

लौकी से 1 लाख की कमाई? यह सिर्फ किताबों में अच्छा लगता है। असल बाजार की कीमतों और मंडी के हालात को कोई नहीं देख रहा। यह पूरी तरह अव्यावहारिक है।

Pradeep Maurya

Pradeep Maurya

अप्रैल 22 2026

भारतीय कृषि की यह विशेषता रही है कि हम हमेशा नवाचार की ओर बढ़ते हैं लेकिन प्रशासन का समर्थन कम मिलता है। गेहूं के बाद खेत को खाली छोड़ना न केवल आर्थिक नुकसान है बल्कि यह मिट्टी की गुणवत्ता को भी प्रभावित करता है क्योंकि खरपतवार बढ़ जाती है और पोषक तत्व कम हो जाते हैं। हमें सामूहिक रूप से इन छोटी अवधि वाली फसलों को बढ़ावा देना चाहिए ताकि गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके और युवाओं का रुझान खेती की ओर वापस आए क्योंकि जब पैसा दिखेगा तभी तो लोग जुड़ेंगे।

megha iyer

megha iyer

अप्रैल 22 2026

ये सब बहुत साधारण बातें हैं, मुझे तो लगता है कि इसे और बेहतर तरीके से बताया जा सकता था।

Paul Smith

Paul Smith

अप्रैल 22 2026

अरे भाई लोग, हिम्मत मत हारो! बस थोड़ा सा तरीका बदलो और देखो कैसे आपकी किस्मत बदलती है। ये जो शॉर्ट टर्म फसलें हैं न ये असली गेम चेंजर हैं, बस सही बीज और थोड़ा सा प्यार चाहिए पौधों को और फिर तो बस कमाई ही कमाई है, बस अपने आस पास के किसानों के साथ चर्चा करो और मिलकर काम करो तभी तो तरक्की होगी और हमारे देश के किसान भाई सच में खुशहाल होंगे!

Santosh Sharma

Santosh Sharma

अप्रैल 24 2026

मूंग और उड़द बेस्ट हैं भाई रिस्क कम रहता है और मिट्टी भी अच्छी होती है

ANISHA SRINIVAS

ANISHA SRINIVAS

अप्रैल 25 2026

बिल्कुल सही! अगर आप पशुपालन कर रहे हैं तो ज्वार की चरी आपके लिए बेस्ट इन्वेस्टमेंट है 😊 इससे चारे का खर्च बचेगा और दूध भी बढ़ेगा! बस मौसम का ख्याल रखें ✨

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