क्रिस श्रीकंठ ने हारिष राणा को "टीम इंडिया के स्थायी सदस्य" कहा, चयन पर विवाद तीव्र

क्रिस श्रीकंठ ने हारिष राणा को "टीम इंडिया के स्थायी सदस्य" कहा, चयन पर विवाद तीव्र

जब हारिष राणा, 22 दिसंबर 2001 को घेवर्‌ा, दिल्ली में जन्मे थे, तो उनका नाम अभी‑अभी 2025 ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ODI श्रृंखला के चयन में आया, तो चर्चा शुरू हो गई। इस निर्णय को लेकर पूर्व भारतीय ओपनर क्रिस श्रीकंठ ने अपने यूट्यूब चैनल ‘Cheeky Cheeka’ में ‘टीम इंडिया का एकमात्र स्थायी सदस्य’ कह कर तीखा सफ़र तय किया। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कप्तान‑कोच गौतम गम्भीर के साथ राणा का ‘इज़‑मैन्’ रिश्ता ही चयन का प्रमुख कारण है। इस बहस में बीसीसीआई की चयन नीति, कोलकाता नाइट राइडर्स में उनके प्रदर्शन और आगामी 2027 विश्व कप की तैयारियाँ सभी महत्वपूर्ण पहलू बन गए।

चुन्नी गई टीम और पृष्ठभूमि

बीसीसीआई ने 19 अक्टूबर 2025 को घोषित किए गए 15‑खिलाड़ी आईपीएल-सीज़न के बाद, शुबमन गिल को कैप्टन रखते हुए ऑस्ट्रेलिया टूर के लिए एक मिश्रित टीम प्रस्तुत की। इस क्रम में राणा को दो पारियों में 10 विकेट (2 टेस्ट, 5 ODI, 3 T20I) के साथ शामिल किया गया। लेकिन एशिया कप 2025 में ओमान (1/25) और श्रीलंका (4 ओवर में 54 रन) के खिलाफ उनके आँकड़े कई आलोचकों को चिढ़ाते दिखे।

राणा के घरेलू और आईपीएल रिकॉर्ड

  • पहले‑क्लास: 14 मैच, 50 विकेट, औसत 21.4
  • लिस्ट ए: 35 विकेट, इकॉनमी 5.8 रन/ओवर
  • आईपीएल 2024: 13 मैच, 19 विकेट, औसत 20.16 (साझा‑चौथे सबसे ज्यादा)
  • 2023 डुलेप ट्रॉफी क्वार्टर‑फ़ाइनल में नॉर्थ ज़ोन के लिए 122* (86 गेंद) बना अपना पहला सदी

अपने पिता प्रदीप राणा, जो पूर्व सीआरपीएफ हैमर थ्रोअर थे, के तहत 10 साल की उम्र से क्रिकेट का ढंग सीखते हुए हारिष ने अपने करियर को धीरे‑धीरे तराशा। गंगा इंटरनेशनल स्कूल में कोच श्रवन कुमार ने उन्हें बाउंड्री पर तेज़ बॉल्स की ट्रेनिंग दी, जिससे आज वह तेज़ पिचों पर फटाफट चलने वाले फास्ट बॉलर बन पाए।

क्रिस श्रीकंठ की तीखी टिप्पणी

‘Cheeky Cheeka’ के 20 अक्टूबर 2025 के एपिसोड में, श्रीकंठ ने कहा, “टीम इंडिया में सिर्फ एक स्थायी सदस्य है – हारिष राणा। कोई नहीं जानता कि वह वहां क्यों है। आप कभी‑कभी ऐसे खिलाड़ी को नहीं चुनते जो ठीक नहीं चल रहा, और कभी‑कभी ऐसा चुनते हैं जो नहीं चलता। अगर आप राणा और नितीश कुमार रेड्डी को संभावनाओं में रखेंगे तो ट्रॉफी को अलविदा कह देना पड़ेगा।” यह बयान तुरंत सोशल‑मीडिया पर धूम मचा गया और बीसीसीआई के चयन कमेटी को कड़ी नजर में धकेल दिया।

आकाश चोपड़े का बचाव और विशेषज्ञ मत

आकाश चोपड़े का बचाव और विशेषज्ञ मत

राष्ट्रपति‑कप्तान भूमिकाओं से दूर, पूर्व बॅट्समैन आकाश चोपड़ा ने 22 अक्टूबर को यूट्यूब पर अपने पक्ष में बयान दिया। उन्होंने कहा, “लोग इस बच्चे को बहुत तागड़ते हैं, लेकिन चयन कमेटी के निर्णय में कोच की वोट नहीं होती। अगर लगातार चुना जा रहा है तो यह खिलाड़ी की गलती नहीं। भारत में तेज़ बॉलर की गहराई बहुत कम है – सिराज, प्रसिध कृष्णा, अर्षदीप सिंह, बुमराह और आश्क दीप जैसे नाम सामने आते हैं, इसलिए राणा को बैक‑अप के रूप में रखना समझ में आता है।”

एनडिटीवी स्पोर्ट्स के साथ झील गई एक इंटरव्यू में चोपड़े ने भारतीय पेसिंग रेज़र्व को “सिर्फ दो दहाइयों में नहीं, बल्कि लगातार फॉर्म में बने रहने वाले खिलाड़ियों की जरूरत” बताया। वे आगे कहे, “यदि हमें 2027 विश्व कप में जीतना है तो चयन में केवल फॉर्म ही नहीं, टीम संतुलन और मैदान‑परिस्थिति को भी देखना होगा।”

भविष्य की सूरत: 2027 विश्व कप की तैयारियाँ

भारत का अगला बड़ा लक्ष्य 2027 में भारत में आयोजित होने वाला ICC क्रिकेट विश्व कप है। इस लक्ष्य को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि चयन कमेटी को लंबे‑अवधि की रणनीति अपनानी चाहिए, न कि तत्काल‑तुरंत परिणामों पर फोकस। ‘गौतम गम्भीर’ की दोहरी भूमिका—कोलकाता नाइट राइडर्स के कोच और भारत के प्रमुख कोच—पर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ का तर्क है कि यह दोहरी भूमिका चयन में पारदर्शिता को चुनौती देती है, जबकि दूसरे का कहना है कि गम्भीर के अनुभव से युवा फास्ट बॉलर्स को तेज़ी से अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाया जा सकता है।

संक्षेप में, इस विवाद ने भारतीय क्रिकेट में ‘मेरिट बनाम कनेक्शन’ की बहस को फिर से दावेदारी पर रख दिया है। जब तक बीसीसीआई स्पष्ट मानदंड और डेटा‑ड्रिवन चयन प्रक्रिया नहीं अपनाता, तब तक इस तरह के बहसें जारी रहेंगी। आशा है कि आगामी सीजन में राणा की फ़ॉर्म और टीम की रणनीति दोनों ही स्पष्ट होंगे, जिससे दर्शकों को असली क्रिकेट का आनंद मिल सके।

मुख्य तथ्य

मुख्य तथ्य

  • हारिष राणा का जन्म 22 दिसंबर 2001 को घेवर्‌ा, दिल्ली में हुआ।
  • क्रिस श्रीकंठ ने 20 अक्टूबर 2025 को यूट्यूब पर राणा को ‘स्थायी सदस्य’ कहा।
  • बीसीसीआई ने 19 अक्टूबर 2025 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ODI टीम घोषित की।
  • आकाश चोपड़ा ने चयन प्रक्रिया में कोच के इनपुट के बिना वोटिंग अधिकार होने को उजागर किया।
  • 2027 विश्व कप में भारत को तेज़ बॉलर विकल्पों की गहराई बढ़ानी होगी।

Frequently Asked Questions

हारिष राणा के चयन को लेकर सबसे बड़ी शिकायत क्या है?

मुख्य शिकायत यह है कि राणा का चयन उसकी फ़ॉर्म के बजाय गौतम गम्भीर के साथ निजी संबंधों पर आधारित है। आलोचक कहते हैं कि उसके एशिया कप 2025 के आँकड़े (ओमान के खिलाफ 1/25 और श्रीलंका के खिलाफ 1/54) को देखते हुए उसे लगातार टीम में रखना उचित नहीं है।

क्रिस श्रीकंठ ने इस मुद्दे पर क्या कहा?

श्रीकंठ ने अपने ‘Cheeky Cheeka’ एपिसोड में कहा कि “टीम इंडिया में सिर्फ एक स्थायी सदस्य है – हारिष राणा। यदि आप राणा और नितीश कुमार रेड्डी को संभावनाओं में रखेंगे तो ट्रॉफी को अलविदा कहना पड़ेगा।” वह चयन में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।

आकाश चोपड़ा राणा की पक्ष में क्या तर्क देते हैं?

चोपड़ा के अनुसार, भारत में तेज़ बॉलर की कमी है और राणा को बैक‑अप विकल्प के रूप में रखना समझदारी है। उन्होंने कहा, “चयन कमेटी में कोच की वोटिंग अधिकार नहीं है, इसलिए लगातार चुना जाना खिलाड़ी की गलती नहीं।”

भविष्य में राणा की जगह को लेकर क्या अनुमान लगाए जा रहे हैं?

यदि राणा अपनी फ़ॉर्म में सुधार नहीं करता और टीम में प्रतिस्पर्धा बढ़ती है, तो संभावनाएँ हैं कि वह अगली श्रृंखला में बाहर हो। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि 2027 विश्व कप की तैयारी में टीम को कई तेज़ बॉलर चाहिए, इसलिए उसे कभी‑न कभी मौका मिल सकता है।

गौतम गम्भीर के दोहरे कोचिंग भूमिका से चयन प्रक्रिया पर क्या असर पड़ता है?

गम्भीर दोनों, कोलकाता नाइट राइडर्स और भारतीय टीम, के कोच हैं, जिससे उनके पसंदीदा खिलाड़ियों को चयन में प्राथमिकता मिलने का संदेह बढ़ा है। कुछ विशेषज्ञ इसे ‘कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट’ मानते हैं, जबकि अन्य इसे युवा प्रतिभाओं को जल्दी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लाने के अवसर के रूप में देखते हैं।

टिप्पणि (18)

PRITAM DEB

PRITAM DEB

अक्तूबर 24 2025

हारिष राणा को टीम में रखना वैध है, क्योंकि उसकी तेज़ी और टोक़न ट्रैक रिकॉर्ड अभी भी युवा फ़ास्ट‑बॉलरों में अल्पसंख्यक है।

Saurabh Sharma

Saurabh Sharma

अक्तूबर 30 2025

इज़‑मैन्‍डिंग से लेकर टॉस‑ऑफ़ तक, राणा का स्ट्राइक‑रेट और बाउंस‑रिवर्सल एनालिटिक्स अभी भी स्पिन‑डोमिनेंट स्थिति में इम्पैक्ट उत्पन्न करता है।

Suresh Dahal

Suresh Dahal

नवंबर 5 2025

विचार करने योग्य तथ्य यह है कि राणा के प्रथम‑क्लास आँकड़े उत्कृष्ट औसत को दर्शाते हैं, तथा चयन समिति को दीर्घकालिक टीम संतुलन को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए।

Krina Jain

Krina Jain

नवंबर 11 2025

भाईसाहब देखो राणा की फॉर्म बख़र है पर उन्के कोचिंग कनेक्शन भी तो है न…ख़याल रखो

Raj Kumar

Raj Kumar

नवंबर 17 2025

क्या आप सच में मानते हैं कि केवल कनेक्शन से राणा को स्थायी कहा जा सकता है? यह तो ऐसा ड्रामा है जहाँ अभिकल्पना से अधिक कलंक ही बचे हैं, और इतिहास हमेशा उन खिलाड़ियों को याद रखता है जो मैदान पर चमके हैं, न कि सिर्फ़ बैकअप में रहकर बक्से को भरते हैं।

venugopal panicker

venugopal panicker

नवंबर 23 2025

आह, आपका दृष्टिकोण दिलचस्प है, पर क्या हम इसे पूरी तरह नकार नहीं सकते? सदैव एक संतुलन बनाना चाहिए-राणा को एक विकल्प के रूप में रखना रणनीतिक हो सकता है, जबकि युवा बॉलरों को भी अवसर देना आवश्यक है। इस द्वंद्व में पारदर्शिता ही प्रमुख है।

Vakil Taufique Qureshi

Vakil Taufique Qureshi

नवंबर 29 2025

राणा का चयन स्वाभाविक रूप से पक्षपातपूर्ण लगता है।

guneet kaur

guneet kaur

दिसंबर 5 2025

राणा का नाम सिर्फ़ कनेक्शन की गंध लाता है।

Jaykumar Prajapati

Jaykumar Prajapati

दिसंबर 11 2025

क्या यह नहीं कि चयन समिति में कुछ छिपे हुए एजेंडा हैं? शायद गौतम गम्भीर की दोहरी भूमिका से कुछ अप्रत्यक्ष वोटिंग प्रभाव पड़ रहा है, जिससे राणा को प्रोफ़ाइल मिल रही है-एक गुप्त साजिश जैसा।

PANKAJ KUMAR

PANKAJ KUMAR

दिसंबर 17 2025

राणा के पिछले सीज़न के आँकड़े देखें तो उसकी विकेट‑टेकिंग क्षमता में उतार‑छोड़ दिखती है, पर क्या यह उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी टीम की आगे की योजना में उसकी भूमिका?

Anshul Jha

Anshul Jha

दिसंबर 23 2025

देश की जय हो राणा को देना चाहिए मौका हम भी जीतेंगे

Anurag Sadhya

Anurag Sadhya

दिसंबर 29 2025

राणा की फॉर्म अभी ठीक नहीं, पर 🇮🇳 को सपोर्ट करना आवश्यक है 😊

Anusree Nair

Anusree Nair

जनवरी 4 2026

हम सब को याद रखना चाहिए कि हर खिलाड़ी का अपना सफ़र है, और राणा जैसे तेज़ बॉलर को मौका देना हमें भविष्य की जीत की ओर ले जाना चाहिए।

Bhavna Joshi

Bhavna Joshi

जनवरी 10 2026

वास्तविक विश्लेषण दर्शाता है कि तेज़ बॉलर की गहराई अभी भी सीमित है; इसलिए राणा को बैक‑अप विकल्प के रूप में रखना डेटा‑ड्रिवन निर्णय के अनुरूप है।

Ashwini Belliganoor

Ashwini Belliganoor

जनवरी 16 2026

राणा के चयन में पारदर्शिता की कमी स्पष्ट है यह निर्णय ग़लत है

Hari Kiran

Hari Kiran

जनवरी 22 2026

राणा का चयन विचारणीय है, पर हमें टीम के सामंजस्य को भी देखना चाहिए; शायद वह अगले मैच में बेहतर प्रदर्शन कर सके।

Hemant R. Joshi

Hemant R. Joshi

जनवरी 28 2026

हारिष राणा का चयन भारतीय टीम में एक जटिल मुद्दा बन गया है, जिसमें कई पहलू जुड़ते दिखते हैं।
सबसे पहले, उसके प्रथम‑क्लास आँकड़े देखते हुए, औसत 21.4 और 5.8 इकॉनमी दर उल्लेखनीय है।
हालांकि, एशिया कप 2025 में उसकी औसत प्रदर्शन, विशेषकर 1/25 और 1/54 की आँकड़े, विशेषज्ञों को चिंतित कर देते हैं।
फिर भी, हम यह नहीं भूल सकते कि वह केवल 22 वर्ष का ही नहीं, बल्कि युवा तेज़ बॉलर वर्ग में एक महत्वपूर्ण विकल्प है।
उसका टॉस‑औफ़ और बॉल‑स्पीड दोनों में सुधार का स्पष्ट संकेत दिया गया है, जो कोचिंग स्टाफ के लिए सकारात्मक संकेत है।
गौतम गम्भीर की दोहरी भूमिका, कोलकाता नाइट राइडर्स और राष्ट्रीय टीम के कोच के रूप में, इस चयन को और घुमा देती है।
कई विश्लेषकों का मानना है कि यह संभावित हित‑संघर्ष चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता को प्रभावित कर सकता है।
इस बीच, आकाश चोपड़ा ने कहा है कि भारत में तेज़ बॉलर की गहराई कम है, इसलिए राणा को बैक‑अप के रूप में रखना समझदारी है।
यह तर्क कुछ हद तक मजबूत है, क्योंकि आगामी 2027 विश्व कप में फास्ट बॉलर्स की विविधता आवश्यक होगी।
परन्तु, चयन समिति को केवल गहराई के आधार पर नहीं, बल्कि वर्तमान फॉर्म और अंतर‑राष्ट्रीय दबाव को भी तौलना चाहिए।
राणा के आईपीएल 2024 के आँकड़े, 13 मैचों में 19 विकेट, उसे एक विश्वसनीय विकल्प बनाते हैं।
फिर भी, लगातार चयन का मतलब यह नहीं कि वह अपनी जगह सुरक्षित कर चुका है; वह हर अवसर पर अपना प्रदर्शन सुधारना होगा।
इस विषय में मीडिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि सार्वजनिक दबाव चयनकों पर अतिरिक्त भार डालता है।
अंततः, भारतीय क्रिकेट में ‘मेरिट बनाम कनेक्शन’ की बहस कभी समाप्त नहीं होगी, जब तक बीसीसीआई स्पष्ट मानदंड नहीं अपनाता।
आशा है कि अगली सीजन में राणा अपनी फ़ॉर्म को सुदृढ़ करेगा और टीम को संतुलित जीत की दिशा में ले जाएगा।

Sreeramana Aithal

Sreeramana Aithal

फ़रवरी 3 2026

वाह! आपका विस्तृत विश्लेषण बिल्कुल दिमाग़‑हिलाने वाला है 😲, पर मैं मानता हूँ कि चयन में राजनीति की बू हर जगह है, और राणा को ‘स्थायी सदस्य’ कहना बस एक विज्ञापन की तरह है।

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