लीअंडर पेस: 18 ग्रैंड स्लैम और ओलंपिक कांस्य पदक

लीअंडर पेस: 18 ग्रैंड स्लैम और ओलंपिक कांस्य पदक

लीअंडर एड्रियन पेस, 17 जून 1973 को कोलकाता में जन्मे थे। यह सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि भारतीय टेनिस का एक पूरा युग है। जब भी कोई बात होती है डबलस् में दुनिया भर में धूम मचाने की, तो चर्चा लीअंडर पेस के बिना अधूरी रहती है। उन्हें आज "लेन्दो" (Lendo) कहा जाता है, उस नाम से जो उनके करियर में किसी मित्र जैसे हो गया था। उनकी कहानी सिर्फ जीत-हार की नहीं, बल्कि लगातार तीन दशकों तक उच्च स्तर पर टिके रहने की है।

यह सच है कि खेल की दुनिया में समय का बहुत सवाल होता है। लेकिन पेस ने उस समय को हराने का सबक दिया। उनकी माँ जेनिफर पेस भारत की बาสकेटबॉल टीम की कैप्टन थीं, जबकि पिता वीसे पेस फील्ड हॉकी टीम के लिए ब्रेझ पदक ला चुके थे। घर में खेल का महौला ऐसा था कि उन्हें बेस्ट होने की जरूरत ही नहीं थी, सिर्फ खेलना था।

ग्रैंड स्लैम का शेर और भारतीय युग्म

टेनिस में ग्रैंड स्लैम जीतना आसान नहीं है, लेकिन 18 टाइटल अपने नाम करना? यह वह चीज़ है जो कम लोगों ने देखी है। पेस ने अपने करियर में कुल 18 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते, इसमें 8 मींस डबलस् और 10 मिक्सड डबलस् शामिल हैं। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने इन दोनों कैटेगरी में "करियर ग्रैंड स्लैम" पूरा किया।

1999 के साल की बात करें, जब उनका साथ भारतीय दोस्त और देशी पार्टनर महेश भूपति ने दिया था। वे पहली टीम बन गई जिन्होंने एक ही कैलेंडर साल में चारों ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट्स के फाइनल तक पहुंच कर इतिहास रचा। वimbledon में 1999 का वह मौका, जब दोनों ने मिलकर भारतीय फ्लैग ऊंचा किया, उसे देखा करने वालों के दिलों में हमेशा बसी रहेगी। भूपति के साथ तीन टाइटल उनका सबसे यादगार काम था।

लेकिन पेस का खेल सिर्फ डबल्स तक सीमित नहीं था। मिक्स्ड डबल्स में उनका साथ देने वाले पार्टनर्स की लिस्ट देखिए तो आपको समझ आएगा कि वे किस स्टार का सामना करते थे। मारिना हिंगिस, कारा ब्लैक, और लिसा रेमंड जैसे महान खिलाड़ियों के साथ उन्होंने 10 ग्रैंड स्लैम जीते। 3 जून 2016 को फ्रांस ओपन जीतकर उन्होंने अपने 45वें जन्मदिन से ठीक पहले अपनी ताकत दिखाई।

ओलंपिक का कांस्य और 7 बार की उपस्थिति

अक्सर टेनिस खिलाड़ी ओलंपिक को लेकर संवेदनशील होते हैं, लेकिन पेस का नजरिया अलग था। 1996 में ०९६ अट्लांटा ओलंपिकअट्लांटा में जब उन्होंने कांस्य पदक जीता, तब वे खुद घायल थे। उनका कलाई चोट लग रहा था, फिर भी उन्होंने फर्नांडो मेलिगांनी को हराकर भारत का दर्जा बढ़ाया।

यह पदक सिर्फ सोना या चांदी नहीं था। यह पहला टेनिस पदक था जो किसी एशियाई ने ऑलंपिक में जीता था। इसके बाद उनकी उपस्थितियों की बात करें तो वह भी अनोखा है। 1992 से लेकर 2016 तक, लगातार 7 बार वो मैदान में उतरे। इतिहास में किसी और टेनिस खिलाड़ी ने इतना नहीं किया।

अजीब बात यह है कि 2008 बीजिंग ओलंपिक में जब भारत का ध्यान क्रिकेट और बैडमिंटन पर था, तब भी पेस वहीं थे। उनकी यह निरंतरता उनके व्यक्तित्व का प्रमाण है।

रिकॉर्ड्स और अब भविष्य क्या?

रिकॉर्ड्स और अब भविष्य क्या?

टेनिस प्रीमियर लीग (TPL) में आज उनके पास जीएस दिल्ली एस का ब्रांड एम्बेसेडर का रूप है। हालांकि उन्होंने पेशेवर टेनिस से रिटायरमेंट ले लिया है, लेकिन उनका योगदान अभी भी चल रहा है। 40 साल की उम्र में 2013 यूएस ओपन जीतना दुनियाभर के लिए एक मुकद्दर था। उनसे पहले किसी ने इतनी उम्र में यह नहीं किया था।

दक्षिण एशियाई खेलों में भी उनका वर्चस्व है। एशियाड में 5 सुनहरे पदक उनकी गाथा है। भारत के अर्थव्यवस्था और खेल नीति में भी उनके योगदान का उल्लेख किया गया है। पाडमा भूषण सम्मान से पहले, उन्हें अर्जुना पुरस्कार से भी नवाजा गया था। यह सब कुछ इसलिए क्योंकि पेस केवल टेनिस नहीं, बल्कि भारतीय खेल संस्कृति का एक प्रतीक हैं।

Frequently Asked Questions

लीअंडर पेस ने कुल कितने ग्रैंड स्लैम खिताब जीते?

लीअंडर पेस ने अपने करियर में कुल 18 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते। इनमें 8 मींस डबल्स और 10 मिक्सड डबल्स टाइटल शामिल हैं। उन्हें दोनों श्रेणियों में 'करियर ग्रैंड स्लैम' पूरा करने का मान도 मिला है।

ओलंपिक में उनके किस पदक का विशेष महत्व है?

1996 अट्लांटा ओलंपिक में पुरुष एकल में जीता कांस्य पदक उनके करियर का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ था। यह ओलंपिक इतिहास में टेनिस में एशियाओं का पहला पदक था और भारत के लिए भी यह अत्यंत दुर्लभ उपलब्धि थी।

उन्होंने किस भावी खिलाड़ी के साथ सबसे ज्यादा सफलता पائی?

पेस का सबसे प्रसिद्ध जुड़ाव भारतीय खिलाड़ी महेश भूपति के साथ था। 1999 में दोनों ने मिलकर चारों ग्रैंड स्लैम के फाइनल तक पहुंचने का रिकॉर्ड बनाया, जिससे वे दुनिया भर में जाना जाने वाले 'इंडियन डाइमोंड्स' में शामिल हुए।

पेस ने टेनिस छोड़ने के बाद क्या कार्य करते हैं?

पेशेवर टेनिस से विदा होने के बाद पेस टेनिस प्रीमियर लीग में GS दिल्ली एस टीम के ब्रांड एम्बेसेडर के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा वे हरियाणा के खेल राजदूत (Sports Ambassador) भी हैं।

टिप्पणि (18)

Anamika Goyal

Anamika Goyal

अप्रैल 3 2026

लीअंडर पेस ने बहुत कमियों के बावजूद अपनी जिद्द दिखाई है। उनकी कहानी हम सबके लिए प्रेरणा है। भारत को टेनिस में उच्च स्थान मिला उनके कर्मों से।

vipul gangwar

vipul gangwar

अप्रैल 3 2026

इतिहास देखते हुए यह काफी बड़ा योगदान है। लेकिन आज के युवा खिलाड़ियों को भी इतना करने की जरूरत है।

Anirban Das

Anirban Das

अप्रैल 4 2026

शायद इससे ज्यादा कुछ नहीं हो सकता।

Pradeep Maurya

Pradeep Maurya

अप्रैल 5 2026

लीअंडर पेस की कहानी सिर्फ टेनिस की नहीं है। यह भारतीय खेल इतिहास का एक पूरा अध्याय बन चुकी है। जब मैं छोटा था तो उनके मैच देखना मेरा दिन बन जाता था। परिवार का सपोर्ट उन्हें बहुत मिलता रहा होगा। उनकी माँ और पिता दोनों ही एथलीट थे। यह जिन या अनुभव का असर ज़रूर होता है। ग्रैंड स्लैम जीतना किसी के लिए आसान नहीं होता। 18 टाइटल्स एक सामान्य आंसक नहीं है। ओलंपिक कांस्य पदक ने देश को गर्व दिया। 1996 अटलांटा में वह क्षण अनमोल था। महेश भूपति के साथ पार्टनरशिप ने इतिहास रचा। भारतीय डाइमोंड्स नाम भी बहुत पसंद किया गया। आज भी उनके योगदान का असर दिखता है। किड्स को प्रेरणा देने वाले कई स्कूल खोले गए। अंत में कहा जाए तो यह एक लज्जादाह कारनामा है।

Sharath Narla

Sharath Narla

अप्रैल 5 2026

वास्तविकता और आदर्शवाद में अंतर रहता है। लोग हर बार रिकॉर्ड तोड़ने पर चिल्लाते हैं।

ANISHA SRINIVAS

ANISHA SRINIVAS

अप्रैल 5 2026

ये तो बहुत ही बेहतरीन जानकारी थी! 😍
हमें इनका सम्मान करना चाहिए। 🇮🇳✨

Prathamesh Shrikhande

Prathamesh Shrikhande

अप्रैल 7 2026

मैं भी उन दिनों को याद करता हूं। 🎾
उस समय का माहौल अलग था। 😊

megha iyer

megha iyer

अप्रैल 9 2026

सरल शब्दों में बड़ी बात बताई गई है।
लेकिन सच में गहराई समझना मुश्किल है।

Anil Kapoor

Anil Kapoor

अप्रैल 10 2026

आंकड़े थोड़े भिन्न लग रहे हैं।
किसी और स्रोत से जांच करनी पड़ेगी।

Priyank Prakash

Priyank Prakash

अप्रैल 10 2026

क्या हुआ था जब वे रिटायरमेंट ले गए? सच कहूँ तो धक्का लगा था। 😭

shrishti bharuka

shrishti bharuka

अप्रैल 12 2026

शायद अब नए टाइम में बदलाव आएगा।
लेकिन पुराने स्टार वही रहते हैं।

Senthilkumar Vedagiri

Senthilkumar Vedagiri

अप्रैल 13 2026

शुरुआत में तब यीह सब होता था। अब लोग फाल्तू बात करते हैं।

saravanan saran

saravanan saran

अप्रैल 14 2026

शांति से देखते रहना बेहतर है।
रिकॉर्ड तोड़ना अपने आप चलता है।

SAURABH PATHAK

SAURABH PATHAK

अप्रैल 16 2026

मेरे ख्याल में यह डेटा सही नहीं है।
मैंने कुछ गलती सुनई है।

Arun Prasath

Arun Prasath

अप्रैल 16 2026

उपलब्धियों की सूची स्पष्ट रूप से दी गई है।
यह एक संदर्भ के रूप में काम आया।

Priya Menon

Priya Menon

अप्रैल 18 2026

यह जानकारी अप्रभावी है।
लेकिन महत्वपूर्ण पक्ष छू गया।

Nikita Roy

Nikita Roy

अप्रैल 20 2026

यह लेख पढ़कर अच्छा लगा लेअंडर पेस बहुत ग्रेट हैं भारत का गर्व
हमें उनसे सीख लेनी चाहिए

Jivika Mahal

Jivika Mahal

अप्रैल 21 2026

बच्चो को इसका पाठ पढ़ाया जाना चाहिये।

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